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Sunday, 6 October 2013

इस दिवाली कहीं खाली न रह जाए एटीएम

 इस बार त्यौहार के मौसम में हो सकता है कि आपके घर के आसपास का एटीएम खाली मिले। बैंकों को लाजिस्टिक्स सेवाएं प्रदान करने वाली निजी सुरक्षा एजेंसियों के पास हथियारबंद कर्मचारियों की काफी कमी हो गई है।

उद्योग के एक अनुमान के अनुसार नकदी का रखरखाव करने वाली एजेंसियों में हथियारबंद गाडरें की संख्या छह माह पहले की तुलना में घटकर एक-तिहाई रह गई है, जिससे लाजिस्टिक्स परिचालन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों की वजह से भी गार्ड अवकाश पर जा सकते हैं।

उद्योग के अधिकारियों का कहना है कि इस समय ज्यादातर एटीएम में प्रत्येक पांचवें दिन नकदी डाली जा रही है, जबकि अमूमन एटीएम में हर दूसरे दिन नकदी डाली जाती है।

लाजिस्टिक्स कंपनी के एक अधिकारी ने कहा, एटीएम में नकदी की कमी हो सकती है। विभिन्न कंपनियों में सुरक्षा गाडरें की कमी है। इससे एटीएम में नकदी डालने की अवधि पांच दिन हो गई है, जो इसका संकेतक है। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि बैंक एटीएम त्योहारी सीजन के मद्देनजर अतिरिक्त नकदी डालने के लिए कदम उठा रहे हैं। कैश लाजिस्टिक्स एसोसिएशन के अनुसार, बैंकों की ओर से हर दिन एटीएम में 15,000 करोड़ रुपये की नकदी डाली जा रही है।

एसोसिएशन ने कहा कि हथियारबंद सुरक्षा गाडरें में कमी की एक वजह यह है कि कई राज्यों में पुलिस ने इस मुद्दे पर आपत्ति जताई है। पुलिस का कहना है कि निजी हथियार लाइसेंस का इस्तेमाल कानून में परिभाषित तरीके के अलावा अन्यत्र नहीं हो सकता। इससे कैश लाजिस्टिक्स फर्मों में कर्मचारियों की कमी हो गई है, क्योंकि उन्हं नकदी रखरखाव के लिए हथियार को औपचारिक लाइसेंस नहीं मिलता।

पिछले वित्त में वर्ष में नकदी भरी वैन लूटने की घटनायें हर महीने बढ़कर एक तक पहुंच गई जबकि इससे पहले 2011-12 तक तीन महीने में एक घटना होती थी। (एजेंसी)